जशपुर| छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में टाएंगरगाँव कासबेल में वाणिज्य और उद्योग विभाग एबं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII) के माध्यम से उद्यमिता और स्वरोजगार पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों को उद्यमिता, वयवसाय योजना निर्माण, विपडन रणनीतिया, वित्तीय प्रबंधन एवं शासकीय योजनावों की जानकारी दी गई | कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को उद्यमिता, व्यवसाय योजना निर्माण, विपणन रणनीतियाँ, वित्तीय प्रबंधन एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। यह पहल माननीय मुख्यमंत्री जी के “विकसित छत्तीसगढ़” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार MSME क्षेत्र को सशक्त बनाकर “मेक इन इंडिया” पहल को गति देने हेतु कार्य कर रहे हैं, वहीं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में अपनाने हेतु प्रेरित कर रहे हैं। ईडीसी छत्तीसगढ़ टीम, डॉ. अमित कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ राज्य में MSME विकास हेतु सतत उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस कार्यक्रम में 70 लाभार्थी सामिल हुए | जिसमे देवड देशमुख, मोहक साह, एवं शुभम कुमार ने व्यवसाय योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, ई-मार्केटिंग तकनीक, जोखिम विश्लेषण और नए व्यावसायिक अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों के उपयोग से नवाचार आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस कार्यक्रम से उन्हें उद्यमिता की बारीकियों को समझने, व्यापार योजना तैयार करने और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिला। यह आयोजन युवाओं में स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने वाला सिद्ध हुआ। इस पहल को छत्तीसगढ़ सरकार की “विकसित छत्तीसगढ़” की परिकल्पना की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है। वही भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान से डॉ. संदीप यादव उपस्थित थे |












